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आंवले का मुरब्बा बनाने सर्वोतम व आसान विधि

आंवले का मुरब्बा बनाने सर्वोतम व आसान विधि
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आंवले का मुरब्बा/ Amla kaa Murabba

आंवले का मुरब्बा खाने में स्वादिष्ट होने के साथ भी गुणकारी भी होता है इसमें आयरन और विटामिन C भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसके सेवन से त्वचा, बाल, आंखों आदि में बेहद लाभ होता है तथा शरीर स्वस्थ रहता है। इसीलिए इसे ‘अमृतफल‘ भी कहा जाता है। तो लीजिए हाजिर है आंवले के मुरब्बे की रेसिपी। हमें विश्वास है कि यह आपको अवश्य पसंद आएगी।

आंवले का मुरब्बा की आवश्यक सामग्री:
आंवले-01 किलो (पके और दागरहित), चीनी-डेढ़ (1.5) किलो, इलाइची-10 (छील कर पिसी हुई), काली मिर्च पाउडर-आधा छोटा चम्मच, काला नमक-01 छोटा चम्मच, फिटकरी-आधा बड़ा चम्मच
आंवले का मुरब्बा बनाने की विधि:
सबसे पहले आंवलों को 2 दिन के लिये पानी में भिगो दें। उसके बाद उन्हें पानी से निकालें और अच्छी तरह से कांटे की सहायता से गोद दें। अब इन आंवलों को दो दिन तक फिटकरी के पानी में भ‍िगो दें। दो दिन बाद आंवलों को पानी से निकाल कर अच्छी तरह से धो लें।
अब एक भगोना लेकर उसमें एक लीटर पानी डालें और उसे गरम करें। पानी खौलने पर उसमें आंवले डाल दें और दो से तीन मिनट उबालने के बाद गैस बंद कर दें (ध्यान रखें आंवलों को पानी में ज्यादा देर तक न पकायें, नहीं ते वे टूट जाएंगे)। साथ ही भगोने काे किसी ढ़क्कन से ढ़क दें। लगभग दस-बारह मिनट बाद आंवलों को पानी से निकाल लें और उन्हें किसी दूसरे बर्तन में रख दें, जिससे उनका पानी पूरी तरह से निकल जाए।
उसके बाद एक स्टील का भगोना लें और उसमें आधा लीटर पानी लेकर चीनी डाल दें। साथ ही उसमें आंवलें भी डाल दें और गैस पर रखकर पकाएं। जब चीनी घुलकर गाढ़ी चाशनी में बदल लाए और आंवले अच्छी तरह से गल जाएं, तो गैस बंद कर दें और बर्तन को ढ़क कर रख दें।
दो दिन बाद बर्तन को खोल कर देखें। यदि चाशनी पतली हो, तो उसे पका कर और गाढ़ी कर लें। अगर चाशनी ठीक हो, तो उसमें इलायची पाउडर, काली मिर्च पाउडर और काला नमक डाल दें और और अच्छी तरह से चला दें। अब आपका आंवले का मुरब्बा तैयार है। इसे किसी कांच के बर्तन में रख दें और जब भी आपका मन हो निकाल कर खाएं।

आंवले का मुरब्बा शहद वाला बनाने की सर्वोत्तम विधि

एक कहावत हैं के आंवले का खाया और सयाने (समझदार) का कहा बाद में पता चलता हैं। अगर आप हर रोज़ एक आंवले भी खाते हैं तो आप 100 वर्ष तक निरोगी और जवान रह सकते हैं। इसके गुणों के बारे में लिखे तो एक पूरी किताब भी लिखी जा सकती हैं। आंवले कैसे भी खाया जाए ये सेहत के लिए बहुत बढ़िया हैं, मुरब्बे के रूप में आंवले खाने का प्रचलन बहुत पुराना हैं, इस से आंवले के गुण भी बरक़रार रहते हैं और खाने का भी मज़ा डबल हो जाता हैं। आज हम आपको बताने जा रहे हैं ऐसे ही स्वादिष्ट आंवले के शहद वाले मुरब्बे के बारे में, जिसमे आंवले के गुणों के साथ शहद के गुण होने के कारण ये अमृत समान हो जाता हैं। तो आइये जाने आंवले का शहद वाला मुरब्बा बनाने की विधि और इसको अपनी नियमित खुराक में ज़रूर शामिल करे।

आंवले का मुरब्बा शहद वाला बनाने की विधि।
500 ग्राम स्वच्छ हरे आंवले कद्दू कस कर के उनका गुद्दा किसी कांच के मर्तबान में डाल दे और गुठली निकाल कर फेंक दे। अब इस गुद्दे पर इतना शहद डाले के गुद्दा शहद में तर हो जाए। तत्पश्चात कांच के पात्र को ढक्कन से ढक कर उसे दस दिन तक रोज़ाना चार पांच घंटे धुप में रखे। इस प्रकार प्राकृतिक तरीके से मुरब्बा बन जाएगा। बस दो दिन बाद इसे खाने के काम में लाया जा सकता हैं। इस विधि से तैयार किया गया मुरब्बा स्वस्थ्य की दृष्टि से श्रेष्ठ हैं। क्युकी आग की बजाये सूर्य की किरणों से निर्मित होने के कारण इसके गुण धर्म नष्ट नहीं होते। और शहद में रखने से इसकी शक्ति बहुत बढ़ जाती हैं।

आंवले का मुरब्बा शहद वाला सेवन विधि –

प्रतिदिन प्रात: खाली पेट ९० ग्राम ( दो चम्मच भर ) मुरब्बा लगातार तीन-चार सपताह तक नाश्ते के रूप में ले, विशेषकर गर्मियों में। चाहे तो इसके लेने के पंद्रह मिनट बाद गुनगुना दूध भी पिया जा सकता है। चेत्र या क्वार मांस में इसका सेवन करना विशेष लाभप्रद है।

ऐसा मुरब्बा विधार्थियो और दिमागी काम करने वालो की मस्तिष्क की शक्ति और कार्यक्षमता बढ़ाने और चिड़चिड़ापन दूर करने के लिए अमृत है। इससे विटामिन सी, ए, कैलशियम, लोहा का अनूठा संगम है। 100 ग्राम आंवले के गूदे में 720 मिलीग्राम विटामिन सी, 15 आइ. यू. विटामिन ए, 50 ग्राम कैल्शियम, 1.2 ग्राम लोहा पाया जाता है।

Article Source :- http://www.lazizkhana.com/

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