HomeHealth Tips

गुड़ के आयुर्वेदिक और औषधीय गुण

गुड़ के आयुर्वेदिक और औषधीय गुण
Like Tweet Pin it Share Share Email

गुड़ से घरेलू उपचार 

गुड़, ईख, ताड़ आदि के रस को गरम कर सुखाने से प्राप्त होने वाला ठोस पदार्थ है। इसका रंग हल्के पीले से लेकर गाढ़े भूरे तक हो सकता है। भूरा रंग कभी-कभी काले रंग का भी आभास देता है। यह खाने में मीठा होता है। प्राकृतिक पदार्थों में सबसे अधिक मीठा कहा जा सकता है। गुड़ का सेवन ज्यादातर लोग ठंड में ही करते हैं, वह भी थोड़ी मात्रा में इस सोच के साथ की ज्यादा गुड़ खाने से नुकसान होता है। इसकी प्रवृत्ति गर्म होती है, लेकिन ये एक गलतफहमी है। गुड़ हर मौसम में खाया जा सकता है और पुराना गुड़ हमेशा औषधि के रूप में काम करता है। आयुर्वेद संहिता के अनुसार यह शीघ्र पचने वाला, खून बढ़ाने वाला व भूख बढ़ाने वाला होता है। इसके अतिरिक्त गुड़ से बनी चीजों के खाने से बीमारियों में राहत मिलती है।

ठंड में जरूर खाएं गुड़ : गुड़ में सुक्रोज, ग्लूकोज, खनिज तरल और जल अंश मौजूद होते हैं। इसके अलावा गुड़ में कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयरन और ताम्र तत्व भी अच्छी मात्रा में मिलते हैं। इसलिए चाहे हर मौसम में आप गुड़ खाना न पसन्द करें लेकिन ठंड में गुड़ जरूर खाएं। गुड़ लोहतत्व का एक प्रमुख स्रोत है और रक्ताल्पता (एनीमिया) के शिकार व्यक्ति को चीनी के स्थान पर इसके सेवन की सलाह दी जाती है। इसमें अधिक खनिज लवण होते है। इसकी निर्माण प्रक्रिया में रासायनिक वस्तुएं इस्तेमाल नहीं की जाती है।

गुड़ खाने के फायदे :-

1. गुड़ खाने से खून बढ़ता है।

2. खाना खाने के बाद इसे खाने से गैस नहीं बनती है। अगर आप गैस या असिडिटी से परेशान हैं तो खाने के बाद थोड़ा गुड़ जरूर खाएं ऐसा करने से ये दोनों ही समस्याएं नहीं होती हैं। गुड़, सेंधा नमक, काला नमक मिलाकर चाटने से खट्टी डकारें आना बंद हो जाती हैं।

3. गुड़ खाने से याद्दाश्त कमजोर नहीं होती, इसलिएअगर आप अपनी याद्दाश्त दुरुस्त रखना चाहते हैं, तो इसका नियमित सेवन करें।गुड़ का हलवा खाने से स्मरण शक्ति बढ़ती है। शरीर से जहरीले तत्वों को बाहर निकालता है व सर्दियों में यह शरीर के तापमान को नियमित करने में मदद करता है। यह लड़कियों के मासिक धर्म को नियमित करने में मददगार होता है।

4. थकान मिटाने के लिए गुड़ का शर्बत पीएं। यह सेलेनियम के साथ एक ऐंटिऑक्सिडेंट के रूप में कार्य करता है। गुड़ में मध्यम मात्रा में कैल्शियम, फॉस्फोरस व जस्ता पाया जाता है यही कारण है कि इसका रोजाना सेवन करने वालों की इम्युनिटी पावर बढ़ता है। गुड़ में मैग्निशियम अधिक मात्रा में पाया जाता है इसलिए ये बॉडी को रिचार्ज करता है साथ ही इसे खाने से थकान भी दूर होती है।

5. अगर आपके कान में दर्द रहता है, तो घी में गुड़ मिलाकर खाएं। ठंड में कई लोगों को कान के दर्द की समस्या होने लगती है। ऐसे में कान में सरसों का तेल डालने से व गुड़ और घी मिलाकर खाने से कान का दर्द ठीक हो जाता है।

6. जुकाम को भगाने में भी ये लाभदायक साबित होता है।

7. अगर आपको कम भूख लगती है, तो इसका सेवन करेंइसका सेवन करने से भूख ज्यादा लगती है।

8. अस्थमा से परेशान लोगों के लिए गुड़ और काले तिल से बने लड्डूखाना फायदेमंद होता हैं।

9. दिल की बीमारी से परेशान लोगों के लिएये लाभदायक साबित होता है।

10. गुड़ खाने से आंखों की रोशनी बढ़ती है।

11. इसे खाने से बैठे हुए गले को ठीक किया जा सकता है।

12. गुड़ से बनी चाय सेहत के लिए अच्छी मानी जाती है, इसलिए चाय में चीनी की जगह गुड़ डालें।

13. अगर आपको खट्टी डकारें आती हैं, तो गुड़ में काला नमक मिलाकर चाटें. ऐसा करने से खट्टी डकारें आना बंद हो जाएंगी।

14. यह लड़कियों के मासिक धर्म को नियमित करने में मददगार होता है।

15. ज्यादातर लोगों को लगता है कि गर्मी के मौसम में इसका सेवन नहीं करना चाहिए। अगर आपको भी यही लगता है, तो ये आपकी गलत फहमी है। ये एक ऐसी चीज है, जिसे किसी भी मौसम में खाया जा सकता है।

अस्थमा और ब्लडप्रेशर कंट्रोल करता है गुड़ : गुड़ और काले तिल के लड्डू खाने से सर्दी में अस्थमा परेशान नहीं करता है। रोजाना गुड़ का सेवन हाइब्लडप्रेशर को कंट्रोल करता है। जिन लोगों को खून की कमी हो उन्हें रोज थोड़ी मात्रा में गुड़ जरूर खाना चाहिए। इससे शरीर में हीमॉग्लोबिन का स्तर बढ़ता है। (Read More :- ऋतु के अनुसार स्वास्थ्य सुरक्षा)

गुड़ जितना पुराना होता है, उतना लाभदायक साबित होता है। इसलिए गुड़ के पुराना होने पर उसे फेंके नहीं।

loading...
Loading...