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सुपारी पाक (Supari Pak) घर पर बनाने की विधि

सुपारी पाक (Supari Pak) घर पर बनाने की विधि
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सुपारी पाक घर पर कैसे बनाये ?

सुपारी पाक एक पौष्टिक दवा है। यह अत्यंत गुणकारी औषधी है जो की स्त्री और पुरुष दोनों के लिए लाभप्रद है। इसके सेवन से प्रदर रोग नष्ट होता है और संतान होने की संभावना बढ़ती है। स्त्रियों के लिए तो यह दवा अमृत-तुल्य है। सुपारी पाक, प्रसव के बाद एक गर्भाशय टॉनिक uterine tonic के रूप में प्रयोग किया जाता है।

सुपारी पाक एक एनर्जी टॉनिक है जो प्रदर, बेचैनी, पीठ में दर्द, सामान्य शारीरिक कमजोरी, चेहरे का पीलापन खून की कमी, शारीरिक थकान आदि महिला रोगों में लाभदायक है। यह पुरुषों के लिए भी लाभदायक है और उनमें नर्व की कमजोरी, फर्टिलिटी की कमी, शीघ्रपतन premature ejaculation, शुक्रमेह spermatorrhoea (वीर्य का अपने आप निकल जाना) आदि रोगों में अच्छे परिणाम देता है।

सुपारी पाक बनाने की विधि :-

400 ग्राम चिकनी सुपारी, कूटकर कपड़छान करें। फिर इसे 2½ किलो गाय के दूध में पकाकर मावा बनायें जब मावा जम जाये तो ½ किलो गाय का घी डालकर भून लें । इसके बाद नीचे लिखी दवा कूट छानकर मिला दें ।
★ चिरोंजी 25 ग्राम
★ नारियल गोला 25 ग्राम
★ जायफल 5 ग्राम
★ जावित्री 5 ग्राम
★ लौंग 5 ग्राम
★ नागकेसर 5 ग्राम
★ तेजपात 5 ग्राम
★ छोटी इलाइची 5 ग्राम
★ वंशलोचन 5 ग्राम मिलाकर पाक सिद्ध करें । सेवन मात्रा 10 से 25 ग्राम । (स्त्री और पुरुष दोनों के लिए लाभप्रद है)

नोट :- जो लोग घर में सुपारी पाक नहीं बना सकते वो बाज़ार से बना बनाया ले सकते हैं डाबर, खादी और कामधेनु का सुपारी पाक बाज़ार में मिलता है बाज़ार से खरीदने के लिए यहाँ click here

सुपारी पाक के लाभ Benefits of Supari Paak

  • स्त्रियों में इसके सेवन से गर्भाशय को ताकत मिलती है।
  • प्रसव के बाद इसके सेवन से शरीर को बल मिलता है और योनी संकुचित contraction of vagina होती है।
  • स्त्रियों में कमर, पीठ, गर्दन, सिर, हाथ-पैर, के दर्द में सुपारी पाक का कुछ समय तक सेवन अच्छे परिणाम देता है।
  • पुरुषों में इसके सेवन से शीघ्रपतन, शुक्रमेह रोग नष्ट होते हैं।
  • यह पाचन शक्ति में वृध्दि कर शरीर को बल देती है।
  • यह लीवर की कमजोरी weakness of liver को दूर करती है।
  • सुपारी पाक का सेवन शरीर में स्फूर्ति, बल, वर्ण, कान्ति की वृद्धि करता है।

विशेष :- इसे पाचन शक्ति, दोष, कोष्ठ और बलानुसार 12 ग्राम से 24 ग्राम दिन में दो बार लें। इसे गाय के ढूध के साथ या जल के साथ लें।(Supari (Areca palm) के आयुर्वेदिक और औषधीय गुण)

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