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हल्दी का आचार बनाने के सरल और आसान विधि

हल्दी का आचार बनाने के सरल और आसान विधि
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हल्दी का आचार शायद की कभी खाया हो और यकीनन ये सुनने में भी आपको अजीब लग रहा होगा। आज हम आपको हल्दी का आचार बनाना सिखाते हैं। वैसे तो आपने कई तरीके के अचार खाए होंगे लेकिन हल्दी का आचार औषधीय गुणों से भरपूर है आज हम  आपको सिखा रहे हैं की यह कैसे बनता है । क्या है इसे बनाने की सरल विधि।

सामग्री:

  1. कच्ची हल्दी – 250 ग्राम (कद्दूकस की हुई एक कप)
  2. सरसों का तेल – 100 ग्राम (आधा कप)
  3. नमक – 2 1/2 छोटी चम्मच
  4. लाल मिर्च – आधा छोटी चम्मच
  5. दाना मैथी – 2 1/2छोटी चम्मच दरदरी पिसी हुई
  6. सरसों पाउडर – 2 1/2 छोटी चम्मच
  7. अदरक पाउडर – 1 छोटी चम्मच
  8. हींग – 2-3 पिंच
  9. नींबू का रस – 250 ग्राम ( 1/2 कप)

हल्दी का आचार बनाने की विधि: सबसे पहले कच्ची हल्दी को अच्छे से धो लें और फिर धूप में सुखा कर कपड़े से पोंछकर साफ करलें। अब इसे कद्दूकस कर लें, कद्दूकस की हल्दी का आचार खाने में आसानी रहती है। अब एक कढा़ई में तेल को अच्छे से गर्म करने के बाद थोड़ा सा ठंडा करके हींग, मेथी,सारे मसाले और कद्दूकस की हल्दी डालकर अच्छे से मिला दें।

अब आचार को एक बर्तन में निकाल कर नींबू का रस डालें और ढककर रख दें। 4-5 घंटे बाद चम्मच से हिला दें। और अब तैयार है आपका हल्दी का आचार।अब इसे सूखे जार या चीनी मिट्टी के मर्तबान में भरकर रखें और अगर हो सके तो 1-2 दिन की धूप भी लगा लें इससे आचार लंबे समय तक खराब नहीं होता।

सर्दियों के मौसम में हल्दी की गांठ का उपयोग सबसे अधिक लाभदायक है और यह समय हल्दी से होने वाले फायदों को कई गुना बढ़ा देता है क्योंकि कच्ची हल्दी में हल्दी पाउडर की तुलना  में ज्यादा गुण होते हैं। आपको बताते हैं की वो गुण कौन कौन से है

कच्ची हल्दी के गुण और फायदे 

1. कच्ची हल्दी में कैंसर (Cancer) से लड़ने के गुण होते हैं। यह खासतौर पर पुरुषों में होने वाले प्रोस्टेट कैंसर (prostate cancer) के कैंसर सेल्स (Cancer Cells) को बढ़ने से रोकने के साथ साथ उन्हें खत्म भी कर देती है। यह हानिकारक रेडिएशन (Radiation) के संपर्क में आने से होने वाले ट्यूमर (Tumors) से भी बचाव करती है।
2. हल्दी में सूजन (swelling) को रोकने का खास गुण होता है। इसका उपयोग गठिया (Arthritis) रोगियों को अत्यधिक लाभ पहुंचाता है। यह शरीर के प्राकृतिक सेल्स (Natural Cells) को खत्म करने वाले फ्री रेडिकल्स (Free Radicals)को खत्म करती है और गठिया रोग में होने वाले जोडों के दर्द (Joint Pain) में लाभ पहुंचाती है।
3. कच्ची हल्दी में इंसुलिन (Insulin) के स्तर को संतुलित करने का गुण होता है। इस प्रकार यह मधुमेह (diabetes) रोगियों के लिए बहुत लाभदायक होती है। इंसुलिन के अलावा यह ग्लूकोज (Glucose) को नियंत्रित करती है जिससे मधुमेह के दौरान दी जाने वाली उपचार का असर बढ़ जाता है। परंतु अगर आप जो  दवाइयां ले रहे हैं बहुत बढ़े हुए स्तर (हाई डोज) की हैं तो हल्दी के उपयोग से पहले चिकित्सकीय सलाह अत्यंत आवश्यक है। (जरुर पढ़े :- पपीते का अचार बनाने की सरल विधि )

4.  शोध से साबित हो चका है कि हल्दी में लिपोपॉलीसेच्चाराइड (Lippopoli sechcharaid) नाम का तत्व होता है इससे शरीर में इम्यून सिस्टम (Immune System) मजबूत होता है। हल्दी इस तरह से शरीर में बैक्टेरिया (Bacteria) की समस्या से बचाव करती है। यह बुखार होने से रोकती है। इसमें शरीर को फंगल इंफेक्शन (Fungal infections) से बचाने के गुण होते है।

5. हल्दी के लगातार इस्तेमाल से कोलेस्ट्रोल सेरम (Serum cholesterol) का स्तर शरीर में कम बना रहता है। कोलेस्ट्रोल सेरम को नियंत्रित रखकर हल्दी शरीर को ह्रदय रोगों (Heart disease) से सुरक्षित रखती है।
6. कच्ची हल्दी में एंटीबैक्टीरियल और एंटी सेप्टिक (Anti-bacterial and antiseptic) गुण होते हैं। इसमें इंफेक्शन से लडने के गुण भी पाए जाते हैं। इसमें सोराइसिस (Psoriasis) जैसे त्वचा संबंधि रोगों से बचाव के गुण होते हैं।
7. हल्दी का उपयोग त्वचा को चमकदार और स्वस्थ रखने में बहुत कारगर है। इसके एंटीसेप्टीक गुण के कारण भारतीय संस्कृति में विवाह के पूर्व पूरे शरीर पर हल्दी का उबटन लगाया जाता है।
8. कच्ची हल्दी से बनी चाय अत्यधिक लाभकारी पेय है। इससे इम्यून सिस्टम मजबूत होता है।
9. हल्दी में वजन कम करने का गुण पाया जाता है। इसका नियमित उपयोग से वजन कम (Weight Loss) होने की गति बढ़ जाती है।
10. शोध से साबित होता है कि हल्दी लीवर (Liver) को भी स्वस्थ रखती है। हल्दी के उपयोग से लीवर सुचारु रुप से काम करता रहता है।
नोट :- अगर किसी की सर्जरी होने वाली हो तो उन्हें कच्ची हल्दी का सेवन नहीं करना चाहिए।  
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