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What is Cholesterol in our body works?

What is Cholesterol in our body works?
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कोलेस्ट्रोल क्या है ? What is Cholesterol ?

कोलेस्ट्रोल एक प्रकार की चर्बी होती है जो हमारे लिवर में पैदा होती है। यह एक नियत मात्रा में हमारे शरीर की कार्यप्रणाली को ठीक रखने के लिए आवश्यक होती है। कोलेस्ट्रॉल शरीर में विटामिन डी, हार्मोन्स और पित्त का निर्माण करता है, जो हमारे शरीर में पाए जाने वाले वसा को पचाने में मदद करते है। मानव शरीर में कोलेस्ट्रॉल की आवश्यकता मुख्यतः कोशिकाओं और हार्मोन के निर्माण के लिए होती है । शरीर में कोलेस्ट्रॉल का लगभग 25 प्रतिशत उत्पादन यकृत यानि लीवर के माध्यम से होता है।

कोलेस्ट्रोल शरीर में कैसे बढता है ? Increases cholesterol in the body , how ?

जब हमारे शरीर में यह कोलेस्ट्रोल सामान्य मात्रा में होता है तो हमारी धमनीयों और शिराओं में रक्त का प्रवाह निर्बाध रूप से होता रहता है।लेकिन जब कोलेस्ट्रोल की मात्रा बढ़ जाती है तो इससे हमारी रक्त-शिराओं में थक्के बनाना शुरू हो जाता है जिससे हमारा रक्त चाप बढ़ जाता है, इसके फलस्वरूप उक्त रक्तचाप, दिल के दौरे, छाती में दर्द, और कई अन्य ह्रदय रोगों की सम्भावना बढ़ जाती है। एक शोध के अनुसार शरीर में कोलेस्ट्रॉल अधिक होने से पार्किंसन रोग की आशंका भी बढ़ जाती है। डायबटीज और किडनी के रोगों से पीड़ित लोगों के लिए उच्च रक्त कोलेस्ट्रॉल बहुत घातक सिद्ध होता है।

कोलेस्ट्रोल कितने प्रकार का होता है? What is the type of cholesterol ?

कोलेस्ट्राल तीन प्रकार का होता है

  1. एलडीएल (Low Density Lipoprotein) जिसे बुरा कोलेस्ट्राल कहते है,
  2. एचडीएल (High Density Lipoproteins) इसे अच्छा कोलेस्ट्राल कहते है
  3. वी एल डी एल ( very Low Density Lipoprotein ) ।

1. एलडीएल (bad cholesterol) असल में कोलेस्ट्रोल नहीं बल्कि उसका “कैरियर” मात्र है।यह कोलेस्ट्रोल को शरीर की कोशिकाओं में ले जाता है। और इस काम को यह ठीक से नहीं कर पता है, यह कोलेस्ट्रोल चर्बी को इधर-उधर गिराता चलता है जिससे रक्त शिराओं में कई जगहों पर कोलेस्ट्रोल के थक्के जमा हो जाते हैं।

एलडीएल की मात्रा एचडीएल के मुकाबले में बहुत कम होती है जिसके वजह से यह बिना नज़र में आए रक्त शिराओं की अंदरुनी सतह तक में चला जाता है। स्थिति तब और भी गंभीर हो जाती है जब एलडीएल के नुकसानों की भारपाई करने के लिए आने वाले व्हाईट ब्लड सेल्स उन थक्कों को और भी ज्यादा बढ़ा देते हैं।

2. एचडीएल (good cholesterol) कहलाता है। एक स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में कोलेस्ट्रोल की मात्रा का 30% एचडीएल कोलेस्ट्रोल होना चाहिए। एचडीएल को ‘Good’ cholesterol इसलिए कहा जाता है कि ये अवांछित कोलेस्ट्रोल को उत्सर्जित करने के लिए रक्त शिराओं से लिवर तक पहुंचाते हैं।

३. अतिन्यून घनत्व लिपोप्रोटीन (very Low Density Lipoprotein ) शरीर में कोलेस्ट्रॉल को लिवर से ऊतकों और इंद्रियों के बीच ले जाता है। वी एल डी एल कोलेस्ट्रॉल, एल डी एल कोलेस्ट्रॉल से ज्यादा हानिकारक होता है। यह हृदय रोगों का प्रमुख कारण बनता है।

कोलेस्ट्रॉल किन कारणों से बढता है ? What causes cholesterol increases ?

  1. सामान्य परिस्थितियों में लीवर कोलेस्ट्रॉल के उत्सजर्न और विलयन के बीच संतुलन बनाए रखता है, किन्तु कई बार यह संतुलन बिगड़ भी जाता है। इसके पीछे बहुत से कारण हो सकते है जैसे वसा युक्त भोजन काअधिक मात्रा में सेवन करना
  2. शरीर का वजन में लगातार बढ़ोतरी होना या शरीर का वजन बहुत ज्यादा होना
  3. अनियमित खान पान अर्थात खानपान में लापरवाही बरतना
  4. नियमित रूप से कोई भी व्यायाम ना करना
  5. आनुवांशिक कारण भी हो सकते है। ऐसा भी पाया गया है कि अगर किसी परिवार के लोगों में अधिक कोलेस्ट्रॉल की शिकायत थी तो आने वाली पीढ़ी में भी कोलेस्ट्रॉल की मात्रा अधिक हो सकती है।
  6. अधिक उम्र होने पर जब शारीरिक श्रम बहुत कम हो जाता है तब भी लोगो के शरीर में कोलेस्ट्रॉल मात्रा बढ़ जाती है।

कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के क्या लक्षण है ? Increased cholesterol What is the symptom?

  1. शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाने का आप स्वयं पता लगा सकते है। यदि पैदल चलने पर सांस ज्यादा फूलने लगे
  2. शरीर में उच्च रक्तचाप रहने लगे
  3. मधुमेह रोगी के शरीर में शर्करा की मात्रा अधिक होने पर उनका खून गाढ़ा होता हो
  4. पैरों में दर्द रहने लगे तो आपको समझ लेना चाहिए कि शायद आपके शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ गया है और आपको उसकी जाँच अवश्य ही करा लेनी चाहिए । लिपिड प्रोफाइल परीक्षण, के अंतर्गत्त कोलेस्ट्राल की जांच होती है। ये जांच नियमपूर्वक हर साल करवानी चाहिये। और यदि किसी के परिवार में पूर्व में भी किसी को उच्च रक्तचाप रहा हो तो इसकी जाँच जल्दी जल्दी करवा लेनी चाहिए।
बॉर्डरलाइन कोलेस्ट्रॉल (Borderline Cholesterol) क्या है?

अगर आपके डॉक्टर ने आपसे ये कहा है की आपको “बॉर्डरलाइन” उच्च कोलेस्ट्रॉल है तो इसका मतलब यह है की आपका कोलेस्ट्रॉल सामान्य से ऊपर है पर अभी बहुत उच्च श्रेणी में नहीं है। यदि आपको “बॉर्डरलाइन” उच्च कोलेस्ट्रॉल है तो इसका मतलब है की उसकी सीमा रेखा 200 और 239 मिलीग्राम/डेसिलीटर के बीच में होगी।

अपने जीवन शैली में साधारण से बदलाव करके “बॉर्डरलाइन” उच्च कोलेस्ट्रॉल को सामान्य श्रेणी में लाया जा सकता है। कुछ लोगों को इसके लिए दवा लेने की जरूरत हो सकती है और ध्यान रखें कि यह सिर्फ कोलेस्ट्रॉल के बारे में नहीं है, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, और धूम्रपान जैसे अन्य बातें भी हृदय के स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं। जब तक आप रक्त परीक्षण नहीं कराते हैं तब तक आप को यह नहीं पता नहीं चलेगा की आपको बॉर्डरलाइन कोलेस्ट्रॉल है। इसलिए अगर आपको लगता है तो हर 5 साल परीक्षण करना चाहिए।

अगर आप चाहते है की अप इस बीमारी को अभी कण्ट्रोल कर सकते हैं तो दवाई लाइफ टाइम खाने से अच्छा है आप निम्न बत्तों पर ध्यान दें 

अपने LDL कोलेस्ट्रॉल को कम करने वाले और HDL कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने वाले आहार का प्रयोग करें।
Your LDL cholesterol and HDL cholesterol increase , which reduces the use of diet .

इसके लिए अपने खाद्य पदार्थों में संतृप्त वसा और ट्रांस वसा को कम और फाइबर, एंटीऑक्सिडेंट, और ओमेगा -3 फैटी एसिड की मात्रा का बढ़ाएं। साबुत अनाज, सेम, सेब, नाशपाती, दलिया, मछली, अखरोट, और जैतून का तेल एक अच्छा विकलप है हृदय के स्वास्थ के लिए।

1- स्ट्रा बेरी(Strawberry)

 हालिया चिकित्सकीय शोध में यह बात सामने आई है कि स्ट्रा बेरी का प्रतिदिन प्रयोग, शरीर के लिए हानिकारक कोलेस्ट्रोल की मात्रा को चार से दस प्रतिशत तक कम करता है। स्ट्राबेरी एंटी आक्सीडेंटस  के प्रयोग का बेहतरीन साधन सिद्ध होता है जो कैंसर और हृदय रोग सहित विभिन्न बीमारियों से बचाने के लिए महत्त्वपूर्ण हैं जबकि इसका प्रतिदिन प्रयोग मोटापे पर भी नियंत्रण पाने में सहायक सिद्ध होता है।

2- लाल अंगूरः Red grapes

लाल अंगूर कोलेस्ट्रोल की मात्रा कम करने के लिए बेहतरीन प्राकृतिक फल है और यह हृदय रोग से भी बचाते हैं। इन अंगूरों में फ़ाइबर्ज़ की मात्रा बहुत अधिक होती है विशेषकर इसके छिल्के और बीज पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाते हैं।

3- माल्टाः Malta

माल्टे कोलेस्ट्रोल की मात्रा को बढ़ने नहीं देते।

4- नींबू Lemon

 समस्त खट्टे फलों की भांति नींबू में भी विटामिन सी की मात्रा बहुत अधिक होती है और यह शरीर में हानिकारक कोलस्ट्रोल की मात्रा को बढ़ने नहीं देते और इसे सामान्य रखते हैं।

5- ग्रैप फ़्रूट्स Grap Fruts

ग्रैप फ़्रूट्स भी माल्टों व नींबू की भांति हानिकारक कोलेस्ट्रोल की मात्रा को कम रखने में सहायक सिद्ध होते हैं। चिकित्सा विज्ञान के अनुसार लाल ग्रैप फ़्रूट्स का प्रयोग प्रतिदिन किया जाए जो यह कोलेस्ट्रोल की मात्रा कम रखने और दिल को स्वस्थ्य रखने में प्रभावी सिद्ध होता है।

6- ब्लूबेरीज़ Bluberijh

 ब्लूबेरीज़ के चिकित्सकीय लाभ सामने आते रहते हैं जैसे यह मानसिक शक्ति को बढ़ाती है, कैंसर से बचाती है जबकि शारीरिक सूजन को दूर करती है, इसके साथ ही यह कोलेस्ट्रोल की मात्रा को भी नियंत्रित करने के लिए प्रभावी फल है।

7- एवोकीडो Avokeedo

 एवोकीडो में ऐसे स्वास्थ्य वर्धक तत्व पाये जाते हैं जो हानिकारक कोलेस्ट्रोल कम करके लाभदायक कोलेस्ट्रोल की मात्रा बढ़ाते हैं। यह फल ब्लड प्रेशर की मात्रा भी सामान्य रखने में सहायता सिद्ध होते हैं जिससे उम्र बढ़ने के साथ हृदय रोग और फालिज इत्यादि से भी सुरक्षा मिलती है।

8- ख़ूबानी Khubani

ख़ूबानी ऐसे तत्वों से भरपूर है जो ख़ून के प्रवाह में हानिकारक के बजाए लाभदायक कोलस्ट्रोल को बढ़ाने में भी सहायक सिद्ध होते हैं। इसके अतिरिक्त इसमें एंटी आक्सीडेंट्स की मात्रा भी बहुत अधिक होती है जो अन्य बीमारियों से सुरक्षित रखने में सहायता प्रदान करती है।

9- सेब Apple  प्रतिदिन एक से दो सेब खाने की आदत हानिकारक कोलेस्ट्रोल की मात्रा कम करती है और दिल को स्वस्थ रखती है। यह भी सिद्ध हो चुका है कि सेब में शामिल एंटी आक्सीडेंट कोलस्ट्रोल को नाड़ियों में एकत्रित नहीं होने देते। इसी प्रकार यह फल मोटापे से बचाने के लिए भी बहुत लाभदायक है और यह मुहावरा तो सब को ही पता है कि प्रतिदिन एक सेब खाना डाक्टर को दूर रखता है।

10-कीवी Kiwi  यह फल शरीर के भीतर लाभकारी कोलेस्ट्रोल की मात्रा को बढ़ाता है।

नोट :- आपके चिकित्सक या एक आहार विशेषज्ञ आपको ये जानने में मदद करेंगे की रोज आपको इनकी कितनी मात्रा लेनी चाहिए।

प्रतिदिन व्यायाम  करें (Exercise daily)

व्यायाम आपके “बॉर्डरलाइन” उच्च कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है।

प्रति दिन मध्यम तीव्रता वाले व्यायाम, कम से कम 30 मिनट तक करने का प्रयास करें । तेज चलना, बाइक की सवारी, टीम वाले खेल खेलने से जैसे क्रिकेट, बास्केटबॉल इत्यादि , फिटनेस क्लास, हमारे HDL कोलेस्ट्रॉल को बढ़ता है।

अतिरिक्त वजन कम करें (Reduce excess weight)

अगर आपको “बॉर्डरलाइन” उच्च कोलेस्ट्रॉल है तो आपका स्वस्थ वजन में हो सकता है और यदि आप मोटे हैं तो अतिरिक्त पाउंड कम करके आप आपने कोलेस्ट्रॉल के स्तर पर नियंत्रण कर सकते हैं।

आप अपना वजन 5% कम करके कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम कर सकते हैं। एक अध्ययन में देखा गया है की एक 12-सप्ताह के अभ्यास कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले वयस्कों के LDL में 18 अंक की और उनके कुल कोलेस्ट्रॉल में 26 अंक की गिरावट आती है।

वजन घटा कर और एक स्वस्थ आहार के संयोजन से ठीक वैसा ही परिणाम मिलता है जैसा कोलेस्ट्रॉल की दवाओं के साथ 30 % LDL को कम किया जा सकता है।

हरी पत्तेदार सब्जियां का सेवन करें (Eat plenty of green leafy vegetables)

हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन भी कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है। क्योंकि हरी पत्तेदार सब्जियों में विटामिन ए, बी, सी के साथ आयरन और कैल्शियम भी पाया जाता है। ये सभी पोषक तत्व शरीर को सेहतमंद बनाने के साथ-साथ रक्तसंचार दुरुस्त करते हैं, जिससे दिल सुगमता से अपना काम करता है।

धूम्रपान का सेवन ना करें (Avoid smoking)

यदि आप धूम्रपान की आदत को छोड़ते हैं तो 10% HDL कोलेस्ट्रॉल को बढ़ा सकते हैं। इसलिए इससे छोड़ने की कोशिश करें यह आपके पुरे शरीर के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है।

चेक करें की किस कार्य से आपको लाभ हो रहा है (Which is benefiting from the work of the Czech)

नियमित स्क्रीनिंग नियुक्तियों के दौरान, आपके चिकित्सक, आपके द्वारा किए गए परिवर्तन से आपके कोलेस्ट्रॉल पर पड़ने वाले प्रभाव को जाँचते हैं।

बॉर्डरलाइन कोलेस्ट्रॉल के लिए जीवन शैली में परिवर्तन करना ही पर्याप्त नहीं हैं इसलिए अपने डॉक्टर से दवा के बारे में भी बात कर सकते हैं।

लहसुन का नियमित प्रयोग करें (Regular use of garlic)

लहसुन का नियमित सेवन रक्तचाप, रक्तसंचार और ब्लड शुगर स्तर को सामान्य रखने के अलावा बैड कोलेस्ट्रॉल को घटाने में भी उपयोगी है।

ड्राई फ्रूट्स का सेवन (Eat dry fruits)

अब आप हर रोज मुट्ठी भर सूखे मेवे बिना किसी चिंता के खा सकते हैं। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की मानें तो सूखे मेवे खाना हमारी सेहत के लिए बहुत जरूरी है, क्योंकि इनमें प्रोटीन फाइबर और विटामिन-ई भरपूर मात्रा में होते हैं।

साथ ही मेवों में स्वस्थ फैटी एसिड भी पाया जाता है जो केमिकल्स में प्रोसेस नहीं होता है और कोलेस्ट्रॉल को कम करने में काफी असरदार है।

अंकुरित दालें (Sprouted pulses)

अंकुरित दालों को अगर दिल का दोस्त कहा जाए तो गलत नहीं होगा। अपने दिन के खाने में कम से कम आधा कप बीन्स जैसे राजमा, चने, मूंग, सोयाबीन और उड़द को आप सूप, सलाद या सब्जी किसी भी रूप में ले सकते हैं। अंकुरित दालों का रोजाना सेवन बुरे कोलेस्ट्रॉल को घटाता है।

खाने में बैगन की सब्जी शामिल कीजिये, ये आसानी उपलब्ध होती है और खाने में भी टेस्टी होती है| इससे भी कोलेस्ट्रोल कंट्रोल होता है|

नारियल तेल शरीर में वसा को कम करता है जिससे कोलेस्ट्रोल नहीं बढ़ता| आर्गेनिक नारियल तेल को अपनी डाइट में शामिल करें, 1-2 चम्मच रोज खाएं|

एक चम्मच आवला पाउडर को 1 गिलास गुनगुने पानी में डाल कर पियें इसे आप रोज सुबह खली पेट पियें| बहुत जल्द फर्क समझ आएगा|

अधिक कोलेस्ट्रॉल से बचने के लिए निम्न सावधानियाँ बरतनी चाहिए (Should take the following precautions to avoid excess cholesterol)

* भोजन में कम कोलेस्ट्रॉल मात्रा वाले व्यंजन का चयन करें ।

* तली हुई चीजें , तैयार भोजन, जंक फ़ूड और फास्ट फूड से दूर रहे ।

* रेशेदार भोजन को प्राथमिकता दें । इससे कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में सहायता मिलती है ।

* चॉकलेट का अधिक मात्रा में सेवन ना करें ।

* अधिक कोलेस्ट्रोल से बचने के लिए मिठाइयों का भी अधिक सेवन नहीं करना चाहिए ।

* अंडे की जर्दी में भी कोलेस्ट्रोल की मात्रा बहुत ज्यादा होती है अत: इससे भी परहेज रखना चाहिए ।

* नियमित रूप से योगासन और व्यायाम करने से शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा नियंत्रण में रहती है ।

* अधिक कोलेस्ट्रोल से बचने के लिए चलना ,दौड़ना और साइक्लिंग जैसे व्यायाम अवश्य ही करने चाहिए ।

* प्राणायाम कोलेस्ट्रॉल को कम करने में बहुत सहायक साबित होता है ।

* कोलेस्ट्रॉल से बचने के लिए धूम्रपान,तम्बाकू और शराब से बिलकुल भी परहेज रखना चाहिए । इनके सेवन से शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ती है ।

यहाँ पर हम आपको कोलेस्ट्रोल को कम करने / नियंत्रित करने के कुछ घरेलू नुस्खो के बारे में बता रहे है जिनसे आपको अवश्य ही लाभ प्राप्त होगा ।

1.कोलेस्ट्रोल को रोकने में ओट्स सबसे बड़ा सहायक होता है । ओट्स में फाइबर प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होते हैं जिसमें बीटा ग्लुकन होता है; यह फाइबर घुलनशील होता है और रक्त में कोलेस्ट्रोल के संचार को रोकता है।

2. सुबह खली पेट लौकी का जूस बनाये ५ पत्ते तुलसी और ५ पत्ते पोदीना के मिला कर, अब इसमें स्वादानुसार सेंधा नमक मिला कर पी ले।

3 . कोलेस्ट्राल को कम करने / नियंत्रित रखने के लिए लहसुन का नित्य सुबह खाली पेट सेवन अवश्य ही करना चाहिए । लहसुन एक सल्फर युक्त एंटी-ऑक्सीडेंट है जो कोलेस्ट्रोल लेवल को नियंत्रित करने में बहुत ही अहम भूमिका का निर्वाह है। लहसुन ना केवल बुरे कोलेस्ट्रोल एलडीएल को कम करता है इससे अच्छा कोलेस्ट्रोल एचडीएल भी बड जाता है ।

4 . खाने में सोयाबीन, मक्के के तेल का अवश्य प्रयोग करें इससे भी कोलेस्ट्राल नियंत्रित रहता है । सोया तेल और मक्के के तेलों में स्टेराल होता है जो ना केवल एलडीएल को कम करता है वरन कोलेस्ट्रोल की कुल मात्रा को भी कम करता है ।

5. हाल में हुए अध्ययनों में पता लगा है कि ग्रीन टी कोलेस्ट्रॉल के स्तर को घटाने में कारगर है। जो लोग ज्यादा चाय ग्रीन टी पीते हैं उनमें कोलेस्ट्रॉल कम होने के साथ साथ स्वास्थ्य संबंधी अन्य समस्याएँ भी कम हो जाती हैं।

6. अपने भोजन में ब्राउन राइस को लेना शुरू करें । ब्राउन राइस को पूरी तरह से प्रोसेस नहीं किया जाता बल्कि इसके सिर्फ बाहरी छिलके उतारे जाते हैं। इस कारण से चावल न सिर्फ प्रचुर मात्रा में फाइबर होता है बल्कि इसमें विटामिन और मिनरल भी बहुत अधिक मात्रा में मौजूद होते हैं। इसलिए अपने डाइट में सामान्य चावल की जगह ब्राउन राइस को शामिल करें ।

7.मछली का तेल से भी अधिक कोलेस्ट्रॉल/ बुरे कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में सहायता मिलती है ।

8.हल्दी हमारे शरीर के लिए बहुत आवश्यक है । यह ह्रदय के लिए कवच का काम करती है। हल्दी शरीर में एलडीएल के लेवल को भी कम करती है । इसलिए हमें इसका नित्य सेवन अनिवार्य रूप से करना चाहिए ।

9. रोज 50 ग्राम कच्चा ग्वारपाठा खाली पेट खाने से खून में कोलेस्ट्रोल कम हो जाता है।

10. अंकुरित दालों को अपने भोजन में अवश्य ही शामिल करें ।

11. लहसुन, प्याज, इसके रस उपयोगी हैं। — नींबू, आंवला जैसे भी ठीक लगे, प्रति दिन लें।

12 . इसबगोल के बीजों का तेल आधा चम्मच दिन में दो बार।

13. अगर आप दूध पीते हैं तो उसमे थोडा सा दालचीनी पाउडर डाल दें इससे आपका कोलेस्ट्रोल कण्ट्रोल में रहेगा ।

14. रात के समय धनियाँ के दो चम्मच एक गलास पानी में भिगो दें। प्रात: हिलाकर पानी पी लें। धनियाँ को चबाकर निगल जाएं |

15. एक चम्मच अर्जुन की छाल का चूर्ण और एक चौथाई दाल चीनी पाउडर २ गिलास पानी में या एक गिलास गाय का दूध और एक गिलास पानी दोनों को मिक्स कर के इस में आधा रहने तक पकाये, और फिर छान कर सोने से पहले पी ले।

16. अपने भोजन में अदरक, लहसुन, धनियाँ, पुदीना,आंवला, हींग, अजवाईन आदि की चटनी नियमित रूप से अवश्य ही ले ।

ये उपाय आप घर में आसानी से कर सकते हैं और अपने कोलेस्ट्रोल को कंट्रोल कर सकते हो, इसके लिए आपको महंगी दवाइयां लेने की जरुरत नहीं है| लेकिन कभी परेशानी बढ़ जाये तो डॉक्टर से सलाह जरुर लें, समय समय पर कोलेस्ट्रोल की जांच करते रहें ताकि आपको पता चले की व कंट्रोल में है या नहीं| आपके पास भी को अन्य उपाय है तो हमारे साथ शेयर करें

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Article Source :- http://hindi.irib.ir/

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