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Gajar Ka Murabba (Carrot/गाजर) का मुरब्बा

Gajar Ka Murabba (Carrot/गाजर) का मुरब्बा
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Gajar Ka Murabba (Carrot Murabba)

गाजर का मौसम जाने वाला है . यही सही समय है गाजर का मुरब्बा बनाने का. गाजर का मुरब्बा (Gajar Ka Murabba) गर्मियों के मौंसम में नियमित रूप से खाने से शरीर को ठंडक मिलती है और खून भी बढ़ता है.

गाजर आपको स्वस्थ रखने के साथ साथ आपकी आंखों की रोशनी को बढ़ाती है। गाजर का नियमित इस्तेमाल आपके बालों और त्वचा के लिए भी बहुत लाभकारी है। गाजर के जूस को अपनी रोजाना की डाइट का हिस्सा बना लीजिए क्योंकि यह स्वादिष्ट होने के साथ बहुत गुणकारी है। गाजर मे प्रचुर मात्रा में विटामिन ए होता है। यह विटामिन बीटा केरोटीन के रूप में मौजूद रहता है।लिवर में बीटा केरोटीन विटामिन ए में बदल जाता है।गाजर के रस में केंसर विरोधी तत्व पाये जाते हैं। अनुसंधान में पाया गया है कि गाजर में केंसर को ठीक करने के गुण विद्ध्यमान हैं। यह फ़ेफ़डे,स्तन और बडी आंत के केंसर से बचाव करता है।

Gajar Ka Murabba बनाने की आवश्यक सामग्री :
एक किलो गाजर, डेढ़ किलो शक्कर, 1/2 लीटर पानी, केसर – 30 – 40 धागे (यदि आप चाहें), नीबू – 2, इलायची4-5 ।

Gajar Ka Murabba बनाने की विधि :-

गाजर को छीलिये, डंठल काटिये और धो लीजिये. गाजर का पानी सुखाकर, गाजर के 1 या 1 1/2 इंच के टुकड़े कर लीजिये, अगर गाजर मे बीच में पीला भाग ज्यादा हो तो गाजर को बीच से काट 2 भागों में काटिये और पीले भाग को निकाल दीजिये.
किसी बर्तन में इतना पानी भरकर गरम करने रखिये जिसमें गाजर आसानी से डूब सकें. पानी में उबाल आने के बाद, गाजर पानी में डाल दीजिये और फिर से उबाल आने के बाद 2-3 मिनिट तक उबालिये. आग बन्द कर दीजिये, गाजर को उस पानी में ढककर 5 मिनिट के लिये रख दीजिये.

गाजर पानी से निकालिये, छलनी में कपड़े पर 1-2 घंटा रखा रहने दीजिये ताकि गाजर से पानी पूरी तरह निकल जाय, गाजर को फोर्क से गोद लीजिये.

इन गाजर को स्टील की कढ़ाई में रखिये, शक्कर डालकर मिलाइये और 6-7 घंटे या रात भर के लिये ढककर रख दीजिये. गाजर का रस बाहर निकल आता है.

गाजर भरी कढ़ाई आग पर रखिये और चाशनी के गाढ़े होने (चाशनी के 1 तार की रहने तक) तक गाजर को पका लीजिये. आग बन्द कर दीजिये. दूसरे दिन यदि चाशनी पतली लगे तो एक बार फिर से मुरब्बा की कढाई को आग पर रखिये और चाशनी के गाढ़ा होने तक मुरब्बा को पका लीजिये.

ठंडा होने के बाद इसमें नीबू का रस डाल कर मिला दीजिये. गाजर का मुरब्बा (Carrot Murabba) तैयार है.

मुरब्बा तैयार होने पर पिसी इलायची और केसर मिलाएं। सर्दियों में बहुउपयोगी गाजर का यह मुरब्बा बहुत दिनों तक खराब नहीं होता है।

गाजर का मुरब्बा (Carrot Murabba) एअर टाइट कन्टेनर में भरकर रख लीजिये. जब भी आपका मन करे, स्वादिष्ट गाजर का मुरब्बा कन्टेनर से निकालिये और खाइये.(Read More )

गाजर (Carrot) के आयुर्वेदिक और औषधीय गुण :- हमारी स्वदेशी चिकित्सा पद्धति में ‘आयुर्वेद’ गाजर को यौन शक्तिवर्धक टॉनिक मानती है। गाजर और मूली के रस को बराबर-बराबर मात्रा में लेकर नियमित पीते रहने से लिंग की दुर्बलता दूर होने के साथ यौन शक्ति में अत्यन्त लाभ होता है। शहद में तैयार किया गया गाजर का मुरब्बा अत्यंत कामोत्तेजक होता है। गाजर हमारे शरीर के सेल्स को तंदुरस्त रखते हुए बुढापा आने की गति को धीमा करता है।
शरीर की खरोंच, घाव ठीक करने के लिये गाजर को कूटकर लगाना चाहिये। गाजर को मेश करके उसमे थोडा सा शहद मिलाकर फ़ेस पेक की तरह इस्तेमाल करने से चेहरे की खूबसूरती में इजाफ़ा होता है।इसमें संक्रमण (इन्फ़ेक्शन) विरोधी तत्व होते हैं।गाजर में अल्फा केरोटीन और ल्युटीन तत्व होने की वजह से हृदय रोगों से भी बचाव करता है।शरीर को स्वच्छ और विजातीय पदार्थों से मुक्त रखने में गाजर की महती भूमिका हो सकती है।यह लिवर की सहायता करके पित्त दोष का निवारण करता है और चर्बी घटाता है।  

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